Home चंद्रपूर इंडो युनिक कोल वाशरीमे चल रहे घपलेमे केपीसिएल को करोडो कां चुना.

इंडो युनिक कोल वाशरीमे चल रहे घपलेमे केपीसिएल को करोडो कां चुना.

किशोर अग्रवाल और विपुल चौधरी इनके साथ और भी शामील, उठी सीबीआय जांच की मांग.

कोल वॉशरिज का झोल -2

वणी तहसील के घुघुस वणी मार्ग मे स्थित इंडो युनिक कोल वोशरी मे इन दिनों करोडो रुपयोका कोयला घोटाला सुर्खिया मे है, पिछले माह मे करीबन ८ कोयले के लदे ट्रक इन्ही वॉशरिज मे पोलीस ने पकडे थे और इस इंडो युनिक कोल वॉशरिज को ताला जड दिया था, मगर केपिसिएल कां आरसीआर का बडा काम इस कंपनी को मिला है जिसके दमपर इस कंपनी के चालक मालक केपिसिएल को भेजे जानेवाले कोयले मे राख, स्पंज आयर्न वेस्टेज मटेरिअल और कोयला चुरी मिलाकर करोडो के वारे न्यारे कुछ राजनेता और बडे आला अधिकारी को खुराक पहुचाकर कर रहे है और उसी दमपर पिछले माह का हुवा बडा कोयला हेराफेरी का मामला सेटल किया गया ऐसी जानकारी प्राप्त सुत्रोसे मिली है.

पिछले माह वणी मुकूटबन मार्ग पर कोयले से लदे 8 वाहनों को वणी पुलिस द्वारा जब्त किये जिसमें MH 40 BG 2658, MH 34 BZ 2528, MH 31 CQ 7466, MH 31 CQ 4752, MH 34 BZ 2529, MH 40 BG 0260, MH 29, BE MH 4048, MH 2 BE MH 4048. इस वाहनोकां उल्लेख आया है और इसमें करीबन 20.80 लाख का कोयला था ऐसी सूचना पुलिस द्वारा जारी की गयी थी, इस मामले मे एक और जहाँ किशोर अग्रवाल और विपुल चौधरी इनके नामो का उल्लेख आया है जो इस पुरी कोयला हेराफेरी मे माहीर बताये जा रहे है और इन्हें मुकुटबन स्थित बीएस इस्पात से कोयला ट्रान्सपोर्ट करनेका टेंडर मिला जो चंद्रपूर जिल्हे के वरोरा तहसीलमे मजरा स्थित बीएस इस्पात कंपनी मे भेजा जाता है.

बीएस इस्पात कंपनी के मॅनेजर भी घेरेने ?

वणी तहसील मे स्थित बीएस इस्पात कंपनी की प्रायव्हेट कोल माइन्स है जिससे कोयला ट्रान्सपोर्ट का काम किशोर अग्रवाल और आशिष जैन को मिला ऐंशी जानकारी मीडिया से प्राप्त हुई है, मगर इस कोल माइन्स से वरोरा स्थित बीएस इस्पात स्टील प्लांट मे कोयला जाना चाहिये वो कोयला शिधा इंडो युनिक कोल वॉशरी मे जा रहा है, सुत्रो की माने तो वरोरा तहसील मे स्थित बीएस इस्पात स्टील प्लांट को केवल 20 हजार टन कोयले की जरुरत है जबकि किशोर अग्रवाल उस प्रायव्हेट कोल माइन्स से 30हजार टन कोयला उठाता है और उसमे 10 हजार टन कोयला सीधे खुले मार्केट मे व्यापारी को बेचा जाता है. इस पुरी घटना को गौर से देखे तो पता चलता है की बीएस इस्पात कंपनी के मॅनेजर भी कोयले के हेराफेरी मे फसे है और उनके संमतीसे इस 10 हजार टन कोयले की हेराफेरी हों रही है.

क्या केपिसिएल के मॅनेजिंग डायरेक्टर को खबर है ?

इंडो कोल वाशरी से केपीसीएल को आरसीआर द्वारा कोयला भेजनेका काम है जिसमें कोयला खदान से कोयला रेल्वे सायडिंगमे जाना चाहिये वह कोयला इंडो युनिक कोल वॉशरिजमे जाकर उसमे राख, कोयले की चुरी और स्पंज आयर्न कां वेस्टेज मटेरिअल कोयले मे मिलाकर केपिसिएल को भेजा जा रहा है और अच्छा कोयला खुले मार्केट मे बडे दामो मे बेचने का काम किया जा रहा है, इस बडे कांड मे केपिसिएल के अधिकारी और चेअरमन कोयह बात मालूम नही ऐसा हों नही सकता, मगर इस पूरे खेलमे सभी तमाशबिन बैठे है और राष्ट्रीय संपती की चोरी जोरोपर है.

इंडो युनिक कोल वॉशरी वैसे तो बंद है मगर इस बंद वॉशरी के किशोर अग्रवाल अँड कंपनी केपिसिएल को जानेवाले कोयले मे राख कोयला चुरी और स्पंज आयर्न का वेस्टेज मिलाकर करोडो रुपयोका मायाजाल फैला रहे है इसलिये इस पुरी कोयला चोरी के मामले की सीबीआय जांच होना बेहद जरूरी है और ऐसी मांग अब पत्रकारिता क्षेत्र के दिग्गज कर रहे है.

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