Home चंद्रपूर कोल ब्लास्ट :- स्वामी फ्युल से रुखमाई कोल वॉशरी तक कोयला घोटाला?

कोल ब्लास्ट :- स्वामी फ्युल से रुखमाई कोल वॉशरी तक कोयला घोटाला?

सभी कोयला तस्कर मिलकर लूट रहे राष्ट्रीय संपती. महाजनको, एमएसएमसी के अधिकारीभी शामील.

चंद्रपूर कोल ब्लास्ट :-

नागपूर विभाग मे कार्यरत सभी महाजेनकोकी पॉवर प्लांट बीते कई सालोंसे कोयला घोटले के विवादोमे फशी हूयी नजर आ रही है, इसका प्रमुख कारण है कोयला व्यापारी और कोल वॉशरीके मालिक पॉवर प्लांट को जानेवाले कोयले मे मिलावट कर और अच्छा कोयला खुले बाजार मे बेचकर करोडो के वारे न्यारे करनेमे लगे है. वही दुसरी ओर महाजनको, एमएसएमसी के अधिकारी और वेकोलि के अधिकारी भी इस खेल मे शामील होने की सनसनिखेज बात सामने आ रही है.

मामला चंद्रपूर के स्वामी फ्यूल प्रा. लि. से शुरू हुवा जिस कंपनीके मैनेजर का सन 2019 के दरम्यान मर्डर हुवा था और इस कंपनी के कोयला करोबारीयोके चंद्रपूर से लेकर नागपूर तक के संस्थानं पर इन्कम tax डिपार्टमेंट के छापे हुये थे. इसमें आरोप लगाया गया था की पॉवर प्लांट को आपूर्ति होनेवाला कोयला खुले बाजार मे बेचा जा रहा था. इसलिये इन्कम tax डिपार्टमेंट ने करीबन कोयला कारोबारियोके 20 स्थानों पर छापेमार कारवाई की थी, अब वही कंपनीके कुछ संचालक रुखमाई इनफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. मे सफर कर रहे है. इसमें कुछ कोयला कारोबारी वही है शिर्फ़ पार्टनर बढे है और कोयला हेराफेरी का काम अब भी बद्दसुर जारी है.

इसमें बीते सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के करीबी संजय हरद्वानी अब लीडर बन गये है ऐंशी जानकारी है. और तो और इन्होने पिछले सरकारमे ऊर्जा मंत्री से साठगांठ करके एक कोल वॉशरी हथियाने का षड्यंत्र रचा था ऐंशी भी चर्चा है. क्यूंकि कोल वॉशरी के संचलन के लिए अनुभव की अनिवार्यता हैं, इसलिए संजय हरद्वानी के नाम कोल वॉशरी दिलवाने के लिए एक JV (संयुक्त उद्यम ) की गई, वह भी पिछले समय जिस कंपनी को BLACKLIST की गई थी. जिसकी शिकायत खुद कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने मुख्यमंत्री से करते हुए कोल वॉशरी को मंजूरी न देने की मांग की थी, जो बाद में शांत हो गए ? दूसरी ओर उक्त कोल वॉशरी को अन्य कोल वॉशरी के पूर्व अतिशीघ्र मंजूरी मिले इसके लिए मंत्री ने खुद खनिकर्म महामंडल पदाधिकारी और अधिकारी पर दबाव बनाया था. जिसके कारण इन्हे 20 % कोयला वाश कर महानिर्मिति को देने का ठेका दिया गया. इसमें राजनैतिक स्तर पर बड़ी धांधली हुई हैं.

स्वामी फ्युअल प्रा. लि से लेकर रुखमाई इनफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के सफर मे कुछ नाम वही है और कोयला हेराफेरी का मामला भी जारी है.  स्वामी फ्यूल प्रा. लि. की तरफ से कोयले की अवैैध ट्रैडिंग व ट्रांसपोर्टींग की शिकायत मिलने के बाद कुछ साल पहले इन्कम tax विभाग ने 20 दस्ते तैयार किए थे और सुबह सुबह एक साथ यह छापामार कार्रवाई शुरू हुई, विभाग ने कंपनी के चार डायरेक्टर नितीन उपारे, संदीप अग्रवाल, श्यामसुंदर मित्तल व रणजीतसिंह छाबरा के आवास व कार्यालयों पर छापें मारे थे , नितीन उपरे के नागपुर के गोदरेज आनंदम में जबकि तीन अन्य डायरेक्टर चंद्रपुर में रहते है, इस कार्रवाई में इंकम टैक्स के 150 अधिकारी-कर्मचारी लगे थे नागपुर मे सूर्यनगर, गणेशपेठ, गांधीबाग व रामदासपेठ में कार्रवाई हुई है यह कार्रवाई दो दिन तक चली थी, अब रुखमाई इनफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. कंपनी बनाई गयी जिसमें संजय हरद्वानी. नितीन उपरे. संदीप अग्रवाल, रणजित सिंह छाबडा, इन्सिश्पालसिंह भाटिया, शामसुंदर मित्तल, नरेंद्रसिंह कोहली इत्यादी शामिल है और कोयले की हेराफेरी भी बद्दसुर जारी है.

कोल वॉशरी के नाम पर कोयले की हेराफेरी

चंद्रपुर-यवतमाल और नागपूर जिले में शुरू हुई कोल वॉशरी में पत्थर युक्त कोयला मिलावट की खबर सामने आई हैं. कोल वॉशरी उपलब्ध होने वाला बढ़िया ग्रेड का कोयला खुले बाजार में बेच दिया जाता हैं.और घटिया कोयला, कोयलायुक्त पत्थर बिजली उत्पादन के लिए पावर प्लांट के नाम मढ़ दिया जाता हैं. चंद्रपुर-यवतमाल नागपूर जिले के वेकोलि से महाजेनको को कोयले की खेप पहुँचाने की जिम्मेदारी रुकमाई इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सह अन्य 2 को मिली हुयी हैं. ये कंपनी पिछले कई माह से महाजेनको को रेलवे द्वारा कोयला आपूर्ति कर रही है. रुकमाई इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड से कोयला युक्तपत्थर और स्पंज आयर्न का वेस्टेज मटेरिअल भरकर महाजनको के पॉवर प्लांट को भेजा जाता हैं, जिससे बिजली उत्पादन में भारी दिक्कते और खर्च भी बढ़ गये  हैं. इसलिये इस कोल वॉशरिज पर प्रतिबंध लगना चाहिये और कोयला हेराफेरी की ईडी द्वारा जांच कर दोषी कंपनी को ब्लॉकलिस्ट करनी चाहिये ऐंशी मांग उठ रही है.

आरसीआर का खेला ?

कोयला माफियोने जिस प्रकार का आरसीआर (रोड कम रेल्वे) के माध्यमासे कोयला हेराफेरी का खेला जारी रखा वैसे पॉवर प्लांट मे जानेवाले कोयले मे मिलावट के कई किस्से सुर्खिया बटोर रहे है. इसमें रुखमई व कोयली रोड लाइन्स ने महाराष्ट्र सहित छत्तीसगड, मध्यप्रदेश, ओरिसा, कर्नाटका और कई राज्योमे कोयला हेराफेरी का जॉल बिछाके रखा है जिसकि जांच ईडी द्वारा होना चाहिये ऐसी मांग उठ रही है.

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